शुरुआत में, उनकी जिंदगी खुशहाल लगती है, लेकिन जल्द ही यह स्पष्ट हो जाता है कि आनंद और नisha के बीच कुछ समस्याएं हैं। आनंद अक्सर काम के बहाने घर से बाहर रहता है, जबकि नisha घर पर अकेली रहती है।
फिल्म का संदेश यह है कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा और अपनी जिंदगी को नियंत्रित करना होगा। फिल्म यह भी दिखाती है कि कैसे एक महिला अपने आप को सशक्त बना सकती है और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है।
नisha को जल्द ही एहसास होता है कि उसे अपने पति पर भी शक करने की जरूरत है। क्या आनंद उसकी जासूसी कर रहा है? या फिर कोई और है जो उसकी जिंदगी में दखल दे रहा है?
हश... एक पत्नी घर पर अकेली (Hush...a Wife At Home Alone)
एक दिन, नisha को एक अजीब सी घटना का सामना करना पड़ता है, जिससे उसकी जिंदगी बदल जाती है। वह घर पर अकेली होती है, जब उसे एक अनजान व्यक्ति का फोन आता है, जो उसकी जासूसी कर रहा होता है।